Saturday, July 28, 2018

दोस्ती

सोचकर आया था पूरे करेंगे दिल के अरमान कई,
देखकर तुमको सामने भूल गया कहने वाली बातें कई,

थी भले वो रात लेकिन बन गई मेरे लिए सुबह नई,
लगकर गले तुमसे दूर हुए दिल में दबे मेरे गम कई,

कोई समझने वाला दिल हो वहीं जज़्बात बिखरते है,
वरना चुप रहते है लोग हमेशा साथ हो चाहे अपने कई,

रिश्ता दोस्ती का मजबूत सबसे मिलते हो चाहे हाथ कई,
दूर सितारों से दोस्ती अपनी करीब रहते हो चाहे चाँद कई,
..............................#Varman_Garhwal
27-07-2018, #वर्मन_गढ़वाल
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